हाशिए पर मुस्कुराती ज़िंदगी
By Vijay Pal Singh Rana · Self-help · ₹49.00 · eBook on Writro
कविता दिल की गहराइयों से उठी वह धड़कन है जो समाज के कानों तक पहुँचती है। एअर मार्शल विजय राणा जी का यह संग्रह बताता है कि जब आकाश नापने वाले पंख शब्दों की उड़ान भरते हैं, तो साहित्य नई ऊँचाइयाँ छूता है। उनकी कलम ऊँचाई से गहराई तक की यात्रा खूबसूरती से तय करती है। — पद्मश्री सुरेन्द्र शर्मा कविता राष्ट्र की आत्मा की आवाज़ है। एअर मार्शल विजय राणा जी ने आकाश की रक्षा के बाद अब संवेदना की सीमा पर पहरा दिया है। उनकी लेखनी में सैनिक का संकल्प और कवि का करुण हृदय साथ धड़कता है। — डॉ. हरिओम पवार “हाशिए पर मुस्कुराती ज़िंदगी” समय और सच्चाई की गवाही है। “कश्मीर फाइल्स” जैसी कविताएँ दबे सचों को आवाज़ देती हैं। राणा साहब की दृष्टि में साहस, संवेदना और उम्मीद तीनों साथ हैं। यह संग्रह इंसानियत और वतन के लिए प्रेरित करता है। — विवेक अग्निहोत्री
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