Gurza Ishq
By Prerna Singh · Poetry · ₹30.00 · eBook on Writro
‘गुज़रा इश्क़’ उन एहसासों का आईना है जो कभी पूरे हो गए, कभी अधूरे रह गए — और कभी बस याद बनकर रह गए। यह किताब प्रेम के हर उस दौर से गुज़रती है जहाँ मुलाक़ातें थीं, दूरियाँ थीं, टूटन थी और फिर एक ख़ामोश स्वीकार भी। यहाँ शायरी किसी कहानी को साबित नहीं करती, बस गुज़रे हुए लम्हों को दोबारा महसूस कराती है। हर कविता दिल के उस कोने को छूने की कोशिश है जहाँ इश्क़ अब मौजूद नहीं, लेकिन उसका असर अब भी ज़िंदा है — धीमा, गहरा और बेहद सच्चा।
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